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थाना प्रभारी की प्रताड़ना से व्यापारी ने की आत्महत्या
May 5, 2020 • विनोद पान्डेय • मध्यप्रदेश

दो रोटी की जुगाड़ में लॉक डाउन के दौरान व्यापारी द्वारा दुकान को खोलना उसे महंगा पड़ गया। थाना प्रभारी बिजुरी द्वारा एक व्यापारी को पकड़कर थाने ले जाया गया और उसके साथ मारपीट करने के अलावा उसे जलील भी किया। जिससे आहत होकर व्यापारी ने घर पहुंचने के बाद अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर ली। एक माह गुजर जाने के बाद जब इस पूरे मामले की जानकारी भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष बृजेश गौतम को लगी तो उन्होंने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। व्यापारी की मृत्यु के बाद उसका परिवार पूरी तरह से अनाथ हो चुका है और वह न्याय की मांग कर रहा है। थाना प्रभारी बिजुरी संजय पाठक की हरकतों से आज एक व्यापारी की जान चली गई, निश्चित तौर पर यह एक गंभीर विषय है जिसकी जांच होनी चाहिए और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

बिजुरी,अनूपपुर/ ,जिले के पुलिस अधीक्षक के पास पीड़ित महिला अपनी फरियाद लेकर पहुंची, जहां पर उसने बताया कि जिलार्न्तगत कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार प्रार्थीया के स्व. पति रामचंद्र अग्रवाल अपने घर में ही संलग्न दुकान को लॉक डाउन अवधि में निर्धारित समय अनुरूप दिनांक 23.03.2020 को खोले थे तथा 2 बजे दोपहर दुकान बंद कर दिये। तत्पश्चात 3 बजे लगभग पुत्री आकांक्षा अग्रवाल उम्र 14 वर्ष को साथ लेकर अपने पिता व मेरे ससुर रामकृपाल उम्र 70 वर्ष के लिये दवाई लेने पास ही के मेडिकल स्टोर जा रहे थे, तभी उन्हें नगर निरीक्षक बिजुरी संजय पाठक ने रोक लिया और जमकर मां बहन की गाली गलौज किये तथा अपने चार पहिया वाहन में मारपीट कर जबरन बैठा लिये और थाना बिजुरी ले गये। वहीं मेरी पुत्री गाली गलौज से डरी सहमी रोती रही और आकर पूरी बात मुझे बताई।

मारपीट के उपरांत छोड़ दिया -
प्रार्थीया के पति को लगभग 7 बजे सायं थाना बिजुरी से मारपीट कर नगर निरीक्षक द्वारा घर के लिये छोड दिया गया तब मेरे पति घर आये और घर के सामने बैठकर रो रहे थे जिस पर आस पडोस के लोगों ने समझाया तो वो अपने शरीर में लगे डंडा के निशान दिखाने लगे। उनके गाल के दोनों तरफ थप्पड मारने से लाल निशान तथा पीठ कमर व निचले हिस्से में भी चोट था। मेरे पति के चोट निशान को पडोसी संतोष अग्रवाल व अन्य ने देखा था।

प्रतिष्ठा पर लगा आघात -
थाना बिजुरी के नगर निरीक्षक व अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किये जाने से प्रार्थी के पति काफी पीडित थे तथा उनके मान सम्मान प्रतिष्ठा पर गहरा आघात लगा था जिससे ग्लानिवश घर में अपने बंद कर लिया और परिवार से दूरी बना ली। वे केवल रोते रहते थे तथा टी.आई की प्रताडना की बात कर सहम जाते थे।

दूसरी बार दी धमकी -
यह है कि दिनांक 25.03.2020 को पुनः दोपहर में लगभग 12 बजे प्रार्थीया के पति घर से दुकान का सामान लेने जा रहे थे तभी नगर निरीक्षक संजय पाठक मिले और फिर मेरे पति से गाली गलौज किये तथा बोले कि यदि बाहर दिखा तो तेरा सिर व मेरा जुता होगा और मां बहन की गाली दिये जिस पर मेरे पति काफी ग्लानि महसूस कर अपने कमरे में जा घुसे और कमरे में अपने को बंद कर लिये।

कर दिया आग के हवाले -
दिनांक 25.03.2020 को प्रार्थिया जब अपने काम में व्यस्त थी तभी उसके पति स्व. रामचंद्र अग्रवाल लगभग 1 बजे दोपहर अपने को कमरे में बंद कर लिये तथा मिट्टी तेल डालकर अपने शरीर में आग लगा लिये। आग से शरीर जलने लगा तो उनके चिल्लाने की आवाज पर सब लोग दौडे और दरवाजा को खोली, तब लोग घुसे और शरीर में कंबल डालकर आग बुझाने का प्रयास किया गया तथा अस्पताल ले गये, जहां से रेफर कर दिया गया और लगभग 8 बजे रात्रि उनकी मृत्यु हो गई। महिला के पति सीधे-साधे थे तथा सम्मानित व्यापारी थे। वे कभी थाना पुलिस के चक्कर में नहीं पड़े, जिससे क्षुब्ध होकर उन्होंने आत्मदाह कर लिया, जिसकी आज रही थाना प्रभारी द्वारा उनके साथ कि गई गाली गलौज एवम अभद्र व्यवहार तथा सूत्रों के अनुसार बिजुरी पुलिस द्वारा उनके साथ मारपीट भी की गई थी। उनकी पत्नी अपने पति की हत्या के लिए थाना प्रभारी बिजुरी को दोषी मानती है तथा उनके विरुद्ध कार्यवाही व अपने लिए पुलिस अधीक्षक व पुलिस महानिरीक्षक भोपाल से न्याय की मांग की है।पुलिस अधीक्षक ने महिला की शिकायत लेते हुए जांच कराने का भरोसा दिया और दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष बृजेश गौतम, भाजपा नेता राम अवध सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष बिजुरी गयाबोध मिश्रा, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह तथा अन्य लोगों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर महिला को न्याय दिलाने की मांग की है।