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फर्जी फर्में बनाकर बोगस बिलों के जरिए1500 करोड़ GST घोटाले की जांच में लीपा पोती की तैयारी 
November 15, 2019 • NEWS NETWORK VISHVA SATTA • मध्यप्रदेश

घोटाले में फर्जी फर्में बनाकर बोगस बिलों के जरिए हजारों करोड़ का व्यापार बताने और फिर इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल कर कर चोरी करने का खुलासा हुआ था जिसमे 1500 करोड़ के टैक्स चोरी का मामला सामने आया था 

इंदौर। जिस घोटाले को सेल्स टैक्स विभाग ने जोर-शोर से उजागर कर वाहवाही लूटने की कोशिश की थी, अब उसे उसी रफ़्तार से समेटने की तैयारी चल रही है। गुरुवार को मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री से एक सीए ने शिकायत की है। शिकायत में आरोप लगाया है कि घोटाले में जीएसटी चोरी का आंकड़ा ही 1890 करोड़ रुपए के करीब होना चाहिए। विभाग में आंकड़े को 50 करोड़ रुपए में समेट कर फाइल बंद करने की तैयारी हो रही है। आयकर, पीएफ जैसी चोरी की तो जांच ही नहीं की जा रही है। जुलाई-अगस्त में वाणिज्यिक कर यानी राज्य कर की टीमों ने इंदौर में जीएसटी घोटाला पकड़ा था। घोटाले में फर्जी फर्में बनाकर बोगस बिलों के जरिए हजारों करोड़ का व्यापार बताने और फिर इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल कर कर चोरी करने का खुलासा हुआ था। घोटाले के खुलासे के बाद एक कर सलाहकार ने इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद मामले में कुछ और नाम भी जुड़े लेकिन धीरे-धीरे जांच को ठंडा कर दिया गया।पूरे घोटाले में एक भी व्यक्ति की न तो गिरफ्तारी हुई, न ही विभाग ने कर चोरी का आंकड़ा सार्वजनिक किया। सूत्रों के अनुसार विभाग जल्द ही इस घोटाले को लेकर चालान पेश करने की तैयारी कर रहा है। विभाग की जांच में सिर्फ 400 करोड़ का फर्जी लेनदेन बताकर टैक्स को 50 करोड़ तक समेटा जा रहा है। घोटाले में आरोपित बने व्यापारियों के बयान भी विभाग ने दर्ज नहीं किए। साथ ही नेटवर्क की जांच करने से भी विभाग बच रहा है घोटाले में शामिल फर्जी फर्मों, बिलों व आरोपितों के बयान व रिकॉर्ड के साथ सौ से ज्यादा पन्नाों की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस पूरे मामले में जीएसटी की चोरी का आंकड़ा 1890 करोड़ रुपए है। इसमें आयकर की हेराफारी जोड़ी जाए तो घोटाला 5880 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता है।। राज्य और केंद्र से घोटालों को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।