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जैतहरी पुलिस का रिश्वत लेते फर्जी विडियो बना वायरल कर बदनाम करने की साज़िश या कुछ और?
April 18, 2020 • Vinod pandey • मध्यप्रदेश

जैतहरी पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विडिओ को बताया फ़र्ज़ी 

जैतहरी,अनूपपुर/संकट की इस इस घड़ी में जहां कोरोना वायरस से बचने के लिये लोगों को घरों में रहने के की सलाह दी जा रही है ऐसे में हमारे पुलिसकर्मी दिन रात हमारी रक्षा में लगे हुए हैं और सरकार के नियमों को सख्‍ती से लागू करने का प्रयास कर रहे हैं और जरूरतमंद लोगों की भी मदद कर रहे हैं।कोरोना से जंग के बीच  पुलिस के हर अंदाज़ की तारीफ हर ओर हो रही है। किसी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना हो,भूखे को खाना खिलाना या फिर घर पहुंचाना..पुलिसकर्मी हर समय मौजूद हैं। बदले हालातों में पुलिसकर्मी खाना बनाने से लेकर उसे लोगो तक बंटवाने तक से भी पीछे नहीं हटे। वहीं, सुरक्षा के लिए सख्ती भी लोगों को रास आ रही है।कोरोना संकट के समय जहां एक और पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी दिन-रात ड्यूटी कर कोरोना को हरानेमें जुटे हुए हैं,वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश पुलिस को बदनाम करने की साज़िश होती रहती है । ताज़ा मामला अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना का है,  जहाँ पुलिस को बदनाम करने की  कोशिश की गई,दरअसल जैतहरी पुलिस का एक विडिओ वायरल है जिसमे एक सख्श ठाणे में पुलिस को दो हाज़र रूपये देते नज़र आ रहा है ,जो की विडिओ में साफ दिखाई दे रहा है,जहां इसे रिश्वत लेते बताकर वायरल किया जा रहा है वही,जैतहरी पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विडिओ को बताया फ़र्ज़ी बता रही है ,लॉकडाउन के दौरान दीनदयाल पिता भगवत सिंह राठौर उम्र 45 वर्ष निवासी चौरभट्टी का अपने मोटरसाइकिल से जैतहरी बाजार एरिया में अनाधिकृत रूप से खतरनाक  स्थिति में चलाता हुआ पाया गया था जिससे एस आई मणिराज के द्वारा पकड  का थाना लाया गया था मोटरसाइकिल नई थी जिसके कोई भी कागजात पेश नहीं किये गए थे,जिस पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दो हज़ार का जुर्माना भी लगया गया । जिसे जमा करने दीनदयाल का हो शमन शुल्क रसीद क्रमांक 13 बुक क्रमांक 2568 पर धारा 184 310 177 3 मोटर व्हीकल एक्ट समन शुल्क 2000 का समन शुल्क वसूल किया गया जिससे नाराज होकर  दीनदयाल द्वारा समन शुल्क के रकम को फर्जी रिश्वत लेते दिखाए जाने वाला वीडियो बनाया गया है कुछ स्वार्थी व्यक्तियों के द्वारा थाना में अपनी स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए दबाव बनाने के लिए इस फर्जी वीडियो वायरल कर दिया गया,इस विडियो की सत्यता कितनी है यह तो जाँच के बाद ही पता चलेगा।अगर यह गलत है तो ऐसी घटनाये दिन रात लोगो की सुरक्षा में लगे हुए पुलिस के मनोबल तोड़ने जैसा प्रतीत होता है.