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एसडीएम ने किया सहायक आयुक्त कार्यालय को सील
December 22, 2019 • NEWS NETWORK VISHVA SATTA • मध्यप्रदेश


दो अधिकारियों की आपसी लड़ाई से सील हुआ सहायक आयुक्त कार्यालय ,एसडीएम ने किया कार्यालय को सील, आदेश चस्पा कर कार्यालय नही खोलने की दी चेतावनी, वित्तीय अनियमितताओं को लेकर तत्कालीन कलेक्टर अनुग्रह पी ने सहायक आयुक्त पी.एन. चतुर्वेदी से वित्तीय अधिकार छिनते हुए तत्कालीन जिला पंचातय सीईओ डॉ. सलोनी सिड़ाना को सौंपा गया था। जहां वित्तीय अधिकार छिनने के बाद से पी.एन. चतुर्वेदी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हो गए। जिसके पश्चात कन्या शिक्षा परिसर जैतहरी के प्राचार्य डी.एस. राव को सहायक आयुक्त का कार्यालयीन अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। जिसके बाद से लगातार सहायक आयुक्त पद को लेकर पी.एन. चतुर्वेदी एवं डी.एस. राव के बीच में तनाव प्रारंभ हुआ। 
अनूपपुर। आदिवासी विकास विभाग अनूपपुर में पदस्थ सहायक आयुक्तो की आपसी लड़ाई के कारण जहां २२ दिसम्बर रविवार को कलेक्टर के निर्देशन में एसडीएम अनूपपुर कमलेश पुरी द्वारा सुबह लगभग १० बजे पहुंच सहायक आयुक्त कार्यालय को सील करते हुए नोटिस के रूप में आदेश चस्पा करते हुए लेख किया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों के दिए गए निर्देश के अनुसार सहायक आयुक्त कार्यालय अजाक कल्याण विभाग कार्यालय के प्रशासनिक व्यस्था के कारण सील किया गया है। जहां सील किए गए कार्यालय को खोलने या सील को छेडऩे की कोशिश पर अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। अब २३ दिसम्बर सोमवार को सहायक आयुक्त कार्यालय में कार्यरत अधिकारी कर्मचारी अपने कार्यालय के सील लगे होने पर अपने दायित्वो का निर्वाहन कहां और कैसे करेगे। 
यह है मामला
जानकारी के अनुसार वित्तीय अनियमितताओं को लेकर तत्कालीन कलेक्टर अनुग्रह पी ने सहायक आयुक्त पी.एन. चतुर्वेदी से वित्तीय अधिकार छिनते हुए तत्कालीन जिला पंचातय सीईओ डॉ. सलोनी सिड़ाना को सौंपा गया था। जहां वित्तीय अधिकार छिनने के बाद से पी.एन. चतुर्वेदी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हो गए। जिसके पश्चात कन्या शिक्षा परिसर जैतहरी के प्राचार्य डी.एस. राव को सहायक आयुक्त का कार्यालयीन अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। जिसके बाद से लगातार सहायक आयुक्त पद को लेकर पी.एन. चतुर्वेदी एवं डी.एस. राव के बीच में तनाव प्रारंभ हुआ। 
दो बार हुए स्थानांतरित, लिए न्यायालय से स्थगन
पूरे मामले में इस बीच शासन द्वारा सहायक आयुक्त पी.एन. चतुर्वेदी का स्थानांतरण प्रथम बार २४ अगस्त को जिला ग्वालियर के लिए हुआ। जिसमें उनके द्वारा स्थानांतरण आदेश के विरूद्ध उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त करते हुए जिला अनूपपुर में अपने पद पर उपस्थित हुए। परंतु जिला प्रशासन द्वारा उन्हे सहायक आयुक्त का प्रभार नही सौंपा। इस बीच पुन: दोनो सहायक आयुक्त के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हुई, जहां सहायक आयुक्त के बैठने के कक्ष को लेकर दोनो सहायक आयुक्तो ने अपना-अपना ताला जड़ दिया। जिस पर भी कई दिनो तक विवाद चलता रहा और प्रशासन द्वारा सहायक आयुक्त डी.एस. राव को मानते हुए उन्हे कार्यालय संचालन करते रहने का निर्देश दिया गया। इस बीच दूसरी बार ६ दिसम्बर को शासन द्वारा सहायक आयुक्त पी.एन. चतुर्वेदी का स्थानांतरण जिला बडवानी के लिए किया गया, जिस आदेश के विरूद्ध भी पी.एन. चतुर्वेदी ने उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त किया। 
एसडीएम ने किया कार्यालय को सील
मामले में जहां म.प्र. शासन आदिम जाति कल्याण विभाग भोपाल के आदेश क्रमांक १७९६/३५०८/२०१९/२५/१ दिनांक ६ दिसम्बर को जारी स्थानांतरण आदेश पर सहायक आयुक्त पी.एन. चतुर्वेदी को बड़वानी जिला के लिए स्थानांतरित किया गया। जिस आदेश के माध्यम से पी.एन. चतुर्वेदी ने उक्त आदेश के विरूद्ध दायर याचिका क्रमांक २७३६६/२०१९ दिनांक १६ दिसम्बर को उच्च न्यायालय से पुन: स्थगन आदेश प्रदान किया गया तथा स्थगन के साथ-साथ पी.एन. चतुर्वेदी को सहायक आयुक्त अनूपपुर के पद पर कार्यकरने की अनुमति प्रदान की गई। जिस पर पी.एन. चतुर्वेदी ने उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार २० दिसम्बर को कार्यालय में उपस्थित होकर अपने हस्ताक्षर से पत्र क्रमांक ६९५३/सहा.आयु./आदि.वि./२०१९ के माध्यम से अपने अधीनस्थ समस्त कार्यालयो को आदेश प्रसारित कर कार्य करने का आदेश दिया। जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा अनुविभागीय दंडाधिकारी कमलेश पुरी को निर्देश देते हुए उक्त कार्यालय को सील करा दिया गया है। 
इनका कहना है
प्रशासनिक दृष्टिकोण से सहायक आयुक्त कार्यालय को सील कर दिया गया है। 
कमलेश पुरी, एसडीएम अनूपपुर