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एमपी में बीजेपी सरकार की कवायद शुरू,21 विधायकों सहित बिसाहूलाल सिंह ने जेपी नड्डा से की मुलाकात
March 21, 2020 • NEWS NETWORK VISHVA SATTA • मध्यप्रदेश

चैतन्य मिश्रा :-
कमल नाथ के इस्तीफे के साथ ही बीजेपी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की कवायद तेज़ हो गयी है.मध्यप्रदेश में बीजेपी विधायक दल की बैठक अब सोमवार को हो सकती है। इस बैठक के बाद ही विधायक दल के नेता मध्य प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे ,इसमें दिल्ली से पर्यवेक्षक के रूप में धर्मेंद्र प्रधान और प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे भोपाल जा सकते हैं।गौरतलब है कि 25 मार्च से नवरात्र पूजा की शुरुआत भी हो रही है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो 25 मार्च को नई सरकार का शपथ ग्रहण भी हो सकता है ,इस बीच मुख्यमंत्री पद की दौड़ में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार आगे बने हुये हैं। लेकिन केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के नाम पर भी पाटीर् आलाकमान विचार कर रही है। तोमर भाजपा आलाकमान के काफी नजदीकी माने जाते हैं। लेकिन इस रायशुमारी में हाल ही में भाजपा में शामिल हुये नेता ज्योतिरदित्य की भी पंसद महत्वपूर्ण मानी जा रही है मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिराने में अहम् रोल निभाने वाले  २२बागी  विधायकों ने नई दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हो गए, इसी बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मिडिया से बात करते हुए कहा की सभी पूर्व विधायकों को भाजपा टिकट देगी और सभी नेताओं को सम्‍मान देने की बात कहीअगर प्रदेश के सियासी समीकरणों का ठीक से विश्लेषण करें तो बीजेपी ज्यादा से ज्यादा 6 महीने तक खैरियत से सरकार चला सकते हैं। अगर वे अपना कार्यकाल पूरा करना चाहेंगे तो उन्हें राज्य की उन 25 सीटों में से कम से कम 10 पर भाजपा को चुनाव जिताने होंगे, जहां आने वाले 6 महीनों में उपचुनाव कराए जाएंगे। इन 25 सीटों पर 22 सीटें वो हैं, जहां के विधायकों ने कांग्रेस के कमलनाथ सरकार को गिराने  का काम किया है। सूत्रों के अनुसार मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक जिन 22 बागियों ने कमलनाथ की सरकार गिराई है,उनमे सबसे वरिष्ठ विधायक अनूपपुर विधानसभा के बिसाहूलाल सिंह है जिन्हे एक बार फिर बीजेपी के मंत्रिमंडल  में शामिल होने का मौका मिल सकता है और बताया  भी यही जा रहा है की बीजेपी में शामिल होने की शर्त भी यही थी , की मंत्रिमंडल में उनकी जगह सुनिश्चित हो .अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय में अनूपपुर जिले के  कोतमा विधायक सुनील सराफ और पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल पर जो आरोप लगाए। उनकी जांच भी कराइ जा सकती है