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एक सप्ताह में बनकर तैयार हुई पुलिया 1 करोड़ 60 लाख में 12पुलियों का निर्माण करेगा ठेकेदार,खोल रहा भ्रष्टाचार की पोल
January 2, 2020 • NEWS NETWORK VISHVA SATTA • मध्यप्रदेश



अनूपपुर। जैतहरी जनपद में १२ पुलिया बनाने का ठेका बिजुरी निवासी जावेद ठेकेदार ने लिया है। जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि से सहायक यंत्री द्वारा प्रदत्त तकनीकी स्वीकृति एवं प्रभारी मंत्री से अनुमोदन करा कर करोड़ो की राशि में पुलिया निर्माण कर जनपद का विकास करने की ठानी है। देखकर अन्दाजा लगाया जा सकता है कि कार्य के प्रति जिम्मेदार कितने ईमानदार हैं। पुलिया निर्माण कार्य के नाम पर संम्बधित एजेंसी द्वारा शासन-प्रशासन के सभी नियम निर्देशों को ताक रख अपने आर्थिक ग्राफ बढ़ाने के चक्कर में स्वीकृत पुलिया निर्माण कार्य को मजाक बना दिया है। कार्य आरंभ एवं कार्य पूर्ण की तिथि देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। मात्र एक सप्ताह में पुलिया तैयार कर देना और चूना पुताई कर चमचमा कर दिखा देना इसके गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को अवगत कराने के बाद भी निर्माण कार्य को न देखना कई सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे ऐसे जगहों पर प्रस्ताव तैयार कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है जहां उसकी उपयोगिता नही है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत लखनपुर, ताराडांड, ठोडीपानी, पडरी, दुधमनिया, केकरपानी के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में १६०.९१ लाख रूपए के निर्माण कार्य स्वीकृत ठेकेदार जावेद इन ग्राम पंचायतों में १२ आरसीसी पुलिया का निर्माण करेगा और इसके एवज में ५० प्रतिशत की राशि अग्रिम भुगतान भी कर दी, जबकि अधिसूचना के मुताबिक यह राशि कोयले से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होने वाले ग्रामों के लिए कोल इंडिया के द्वारा राज्य सरकार को प्रदान की जाती है।
ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यो में आरसीसी पुलिया निर्माण को मंजूरी ७ ग्राम पंचायतों के विभिन्न ग्रामों में १६०.९१ हजार रूपए मंजूर किये गये है, जबकि भौतिक अवसंरचना, सिंचाई एवं वाटरशेड में ४० प्रतिशत की राशि ही मंजूर की जा सकती है। आरसीसी पुलिया निर्माण से राजपत्र के माध्यम से जारी की गई अधिसूचना का खुले तौर पर उल्लघंन किया गया, जबकि ६० प्रतिशत राशि उन अमुख योजना में खर्च की जानी थी, जिसमें प्रभावित और अप्रभावित क्षेत्रो के लोगो का कल्याण हो सके, लेकिन जनप्रतिनिधियों के चलते अधिकारियों ने अधिसूचना को भी रद्दी की टोकरी में डाल दिया।
इनका कहना है
ग्राम पंचायत में ठेकेदार कार्य नही कर सकता है, मैं स्वयं जाकर निर्माण कार्य देखूंगा, अगर किसी भी प्रकार की विसंगतियां पाई जायेगी तो कठोर कार्यवाही की जायेगी।
शक्तिकुंज पाडेय, सीईओ जनपद पंचायत जैतहरी