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देश और दुनिया जब कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से जूझ रहे हैं तब संकट की इस घड़ी में सरकार को प्रभावी ढंग से सामने आकर नागरिकों को सुविधाएं देना चाहिए: नीरज नायक  
March 28, 2020 • NEWS NETWORK VISHVA SATTA • मध्यप्रदेश

 अनूपपुर 27 मार्च।जैसा की आप सबको ज्ञात है देश और दुनिया कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहे हैं। कोरोना भारत में भी तेजी से पैर पसार रहा है दूसरी ओर प्रधानमंत्री जी ने देश में 21 दिन कल लॉकडाउन की घोषणा की है जिसमें लोगों से अपील की गई है कि लोग घर से बाहर ना निकले घर में ही रहे । भारत देश कोरोना वायरस महामारी से डटकर सामना कर रहा है और इस महामारी की लड़ाई में हम देश के साथ खड़े हैं वही दूसरी ओर मध्य प्रदेश में भाजपा की नई सरकार बनी है नए मुख्यमंत्री ने शपथ ली है हमें आशा है कि जो घोषणा मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा की गई है वह सीधे लोगों तक पहुंचेगी और सुविधाओं को सिस्टम अपनी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ जनता तक सुविधाओं को पहुंचाने में सफल होगा । वहीं पर हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी का कहना है कि हम विश्वास मत जीतने के बाद कोरोना वायरस संक्रमण को पूरी ताकत के साथ समाप्त करने के लिए जुट जाएंगे

आज इस महामारी का प्रकोप मध्यप्रदेश में भी तेजी से फैल रहा है, रोजाना प्रदेश के कई जिलों से संक्रमित व्यक्तियों की या आशंकित व्यक्तियों की संख्या बढ़ने की सूचनाएं आ रही है । इस भयावह मुद्दे पर नीरज नायक द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कुछ गंभीर बाते कहीं ।जिसमें कहा गया  कि भाजपा ने अपनी सरकार बना ली है और प्रदेश सरकार के द्वारा राहत पैकेज देना और वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सभी कलेक्टरों को निर्देशित करना ।
क्या यह पैकेज लोगों के विश्वास उम्मीदों पर खरा उतरा है ।

दिल्ली सरकार के विषय मे अपनी बात रखते हुए नीरज नायक ने कहा की जहां देश की दिल्ली सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन विधवा विकलांग और बुजुर्गों के लिए डबल कर दिया है लॉक डाउन के दौरान प्रति मजदूर को 5000 देना , और निसहाय लोगों के लिए पूरे खाने और रहने की उचित प्रबंधन करना ,45000 नई आइसोलेशन वार्ड ,70 वाटर कैनन टैंकों में सैनिटाइजर ,बस मेट्रो सड़कों और पार्कों को सैनिटाइज्ड करना , 3200 रिटायर डॉक्टरों को ड्यूटी पर बुलाकर तैनात करना,मोहल्ला क्लीनिक में टेस्ट लैब और आइसोलेशन वार्ड बना देना ,
रिलीफ फंड, मेडिकल फैसिलिटी एवं मास्क और सेनीटाइजर की कालाबाजारी को रोकना , गरीब और निसहाय लोगो के लिए पूरे खाने और रहने का उचित प्रबंध ,75 लाख लोगों के लिए राशन को डेढ़ गुना कर उसे मुफ्त में समय से पहले वितरित किया , दिल्ली के सभी होटल में आइसोलेशन वार्ड बनाना जैसे कार्य सरकार कर रही है । 

सर्वप्रथम उन्होंने चिंता व्यक्त की, की प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा जो भी राहत कार्यक्रम एवं पैकेज की घोषणा की गई है उनका अविलंब क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी कोई भी बिचौलिया भ्रष्टाचार ना कर सके एवं सभी प्रकार की सरकारी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे ।

मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में तत्काल प्रभाव से युद्ध स्तर पर रचनात्मक सुधार हो एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक ज़रूरी उपकरण पहुंचाएं जाए और इस महामारी से लड़ने के लिए मेडिकल स्टाफ की ऑनलाइन प्रशिक्षण कराया जाए ।

दिहाड़ी मजदूरों को जीवन यापन करने के लिए कम से कम अगले तीन महीनों तक पर्याप्त धनराशि दी जाएं जिससे वे अपना जीवन यापन कर सकें ।

दिल्ली सरकार की तर्ज पर ही मध्यप्रदेश सरकार भी प्रत्येक जिले में भोजन उपलब्धता का प्रयोजन करें ताकि प्रदेश में कोई भी नागरिक भूखा ना रहे ।

सुदूर आदिवासी इलाकों में राहत सामग्री एवं लाभों के पहुंचने की केंद्रीकृत निगरानी की जाए ताकि उन तक सभी सुविधाएं सुचारू रूप से पहुंच सके ।

किसानों को ओलावृष्टि से बर्बाद फसल का मुआवजा तत्काल प्रभाव से जारी किया जाए ।

प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के सभी बड़े पूंजीपति व व्यापारिक घरानों से मजबूत अपील की जानी चाहिए की वे अपने CSR की राशी एवं अन्य राशि भी कोरोना से लड़ाई के लिए प्रदेश सरकार को मोहैया कराए और सरकार उस धनराशि का पारदर्शी तरीके से प्रभावी उपयोग करें ।

 सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाना गरीब विधवा और विकलांगों का अधिकार

उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर सामाजिक सुरक्षा पेंशन जो कि प्रदेश के वृद्धा, विधवा , विकलांगों को मिलती है मध्य प्रदेश सरकार दो महीने का एडवांस कह कर दे रही है यह उनका हक अधिकार है उनको एडवांस के तौर पर नहीं मदद के तौर पर मिलना चाहिए जैसा कि दिल्ली सरकार दिल्ली प्रदेश के लोगों को इस महामारी के दौरान दोगुना करके दे रही है ।इसी प्रकार मध्यप्रदेश में भी कोरोना महामारी की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश में बड़े स्तर पर अनिवार्य रूप से जांच केंद्र, अस्पताल, दवाई, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन की उपलब्धता सुविधाओं के साथ ही डॉक्टर नर्स पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के इंतजाम होना चाहिए एवं नए स्टाफ की ऑनलाइन ट्रेनिंग की सख्त जरूरत है