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अनूपपुर जिले में आज से नही रहेगा कर्फ़्यू
May 1, 2020 • विनोद पान्डेय • मध्यप्रदेश

अब 8 नगरीय/अधिक जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्रों में किराना, दूध डेयरी आदि आवश्यक सामग्रियों की दुकानो को प्रातः 10 से दोपहर 4 बजे तक खोलने की अनुमति साप्ताहिक हाट/ बाज़ार रहेंगे प्रतिबंधितसामाजिक दूरी एवं कोरोना से बचाव हेतु सावधानियों का पालन अनिवार्य

अनूपपुर /कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर द्वारा धारा- 144 के अंतर्गत जारी कर्फ़्यू आदेश की सीमा 30 अप्रैल रात्रि 12 बजे समाप्त हुई। इसके साथ ही 1 मई से ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी क्षेत्र भी कर्फ़्यू प्रतिबंध से मुक्त हो गए हैं। अब इन क्षेत्रों में पूर्व आदेशों के अनुसार विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन की सशर्त अनुमति होगी।जारी आदेश के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी दुकानें संचालित करने की अनुमति पूरे दिन रहेगी। सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने हेतु 2 ग्राहकों के बीच एक मीटर की दूरी तथा मास्क एवं ग्लब्स लगाना अनिवार्य होगा। सभी अन्य साप्ताहिक बाजार प्रतिबंधित रहेंगे।अधिक जनसंख्या घनत्व वाले 08 स्थानों नगरीय निकाय अनूपपुर, कोतमा, अमरकंटक, जैतहरी, पसान, बिजुरी तथा राजनगर/बनगवां एवं राजेन्द्रग्राम/किरगी/कोहका पर चिन्हित दुकाने निर्धारित समय में खोली जा सकेंगी। उक्त 8 स्थानो में फल एवं सब्जी, विक्रेता ठेले पर अथवा अन्य वाहन से होम डिलेवरी द्वारा प्रातः 08.00 बजे से सांय 4.00 बजे तक विक्रय कर सकेंगे विक्रेता का मास्क पहनना अनिवार्य होगा। ठेले पर या वाहन के पास दो ग्राहकों के बीच एक मीटर की दूरी रखनी अनिवार्य होगी सब्जी मंडी लगाने पर प्रतिबंध रहेगा। दूध विक्रेता प्रातः 6.00 बजे से 9.00 बजे तक होम डिलीवरी करने के साथ-साथ प्रातः 10.00 बजे से सांय 4.00 बजे तक दुकान खोल सकेंगे। दूध विक्रेता का ग्लब्स एवं मास्क पहनना अनिवार्य होगा। पशु आहार, चारा, अण्डे, मांस एवं मछली के विक्रेता भी प्रातः 10.00 बजे से सांय 4.00 बजे तक दुकान खोल सकेंगे विक्रेता का ग्लब्स एवं मास्क पहनना अनिवार्य होगा। मांस मंडी के स्थान का निर्धारण संबंधित क्षेत्र के उपखण्ड मजिस्ट्रेट करेंगे। राशन, किराना एवं स्वच्छता वस्तुओं के विक्रेता प्रातः 10.00 बजे से सांय 4.00 बजे तक स्थायी दुकानें खोलकर बिक्री कर सकेंगे विक्रेता को ग्लब्स एवं मास्क पहनना अनिवार्य होगा।पके हुए भोजन की बिक्री करने वाले मिठाई दुकानों/ ढाबे/रेस्टॉरेंट/ भोजनालय आदि पूरे दिन होम डिलीवरी कर सकेंगे। प्रतिष्ठान पर बैठाकर खिलाने पर प्रतिबंध रहेगा। डिलीवरी करने वाले व्यक्ति का मास्क एवं ग्लब्स पहनना अनिवार्य होगा। भवन निर्माण तथा अन्य निर्माण संबंधी सामग्री जैसे-सीमेंट, लोहा/छड़ इत्यादि की दुकान, विद्युत एवं विद्युत उपकरण के साथ-साथ विद्युत मरम्मत की दुकान, मोबाईल तथा मोबाईल मरम्मत की दुकान, मेकैनिक, गाड़ियों तथा मशीनों के मरम्मत तथा स्पेयर पार्ट्स की दुकान एवं किताबे तथा स्टेशनरी की दुकाने जो कि स्थायी भवनों में संचालित हैं वे प्रातः 10.00 बजे से सांय 4.00 बजे तक खुल सकेंगी। विक्रेता का मास्क एवं ग्लब्स पहनना अनिवार्य होगा। हाथठेला चालक तथा पल्लेदारों को प्रातः 10.00 बजे से सांय 4.00 बजे तक कार्य करने की अनुमति रहेगी।सभी दुकाने जो खोली जायेंगी, उनमें ग्राहकों के बीच एक-एक मीटर की दूरी सुनिश्चित करने हेतु विक्रेता / दुकानदार गोल निशान लगाएंगें । यदि किसी दुकान पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जाता है, तो उपखण्ड मजिस्ट्रेट, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी 03 दिवस के लिए संबंधित दुकान बंद करायेंगे।समस्त 6 नगरीय निकायों को छोडकर जिले की सभी 282 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य किये जा सकेंगे। मनरेगा कार्यों को सोशल डिस्टेन्सिंग के अनुपालन और चेहरे पर मास्क के सख्त कार्यान्वयन के साथ अनुमति दी जाती है। सिंचाई और जल संरक्षण कार्यों को मनरेगा के तहत प्राथमिकता दी जाय। सिंचाई और जल संरक्षण क्षेत्रों में अन्य केंद्रीय और राज्य क्षेत्र की योजनाओं को भी मनरेगा कार्यों के साथ लागू करने की अनुमति दी जा सकती है ।ग्रामीण क्षेत्रों में, यानी नगर पालिकाओं की सीमा के बाहर, सड़क, सिंचाई परियोजनाओं, भवनों और सभी प्रकार की औद्योगिक परियोजनाओं का निर्माण, जिसमें एमएसएमई भी शामिल है, तथा औद्योगिक स्टेट में सभी प्रकार की परियोजनाएँ निर्माण प्रारंभ करने से पहले सभी मजदूरों तथा प्रबंधकों की सूची सहित संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को उपलब्ध कराना होगा। नगर पालिकाओं की सीमाओं के भीतर मानक प्रचालन प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा। पृथक से अनुमति जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी मजदूरों तथा प्रबंधकों की सूची संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट के कार्यालय में जमा कर निर्माण कार्य प्रारंभ किये जा सकेंगे।