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आइसोलेशन कैम्प में अपने बीच संभागायुक्त को पाकर श्रमिक हुए प्रसन्न
April 22, 2020 • NEWS NETWORK VISHVA SATTA • मध्यप्रदेश

आयुक्त ने रहने खाने की व्यवस्था एवं स्वास्थ्य का लिया हाल,श्रमिकों ने बताया यहाँ कोई तकलीफ़ नही

अनूपपुर /आयुक्त शहडोल एवं रीवा संभाग डॉ अशोक कुमार भार्गव ने बाहर के ज़िलों से आ हुए आइसोलेशन कैम्प सीनियर बालक छात्रावास फुनगा में क्वॉरंटीन किए हुए श्रमिकों एवं अन्य व्यक्तियों से मुलाक़ात की। आपने सभी का हाल चाल लिया एवं रहने खाने एवं पेय जल की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य के सम्बंध में पूँछतांछ की। आइसोलेशन कैम्प फ़ुनगा में वर्तमान में 10 महिलाएँ एवं 3 पुरूष क्वॉरंटीन किए गए हैं। महिलाओं ने बताया कि वे सभी सागर मज़दूरी हेतु गयी हुई थी वापस लौटने पर ज़िला प्रशासन द्वारा उन्हें एहतियातन क्वॉरंटीन करते हुए यहाँ रखा गया है। सभी महिलाएँ एवं पुरूष अपने बीच आयुक्त महोदय को पाकर काफ़ी प्रसन्न हुए, सभी ने कहा यहाँ कोई तकलीफ़ नही है ज़िला प्रशासन द्वारा रहने खाने का बराबर ध्यान रखा जा रहा है। सभी ने बताया उन सभी की स्वास्थ्य दल द्वारा जाँच की गयी है। इसके साथ ही रायपुरसे पलायन करके आए 2 युवकों से भी आयुक्त डॉ भार्गव द्वारा चर्चा कर उनका हाल लिया गया। आयुक्त ने बताया जनहित में और सम्बंधित व्यक्ति के हित के लिए आवश्यक है कि वह अगर विगत अवधि में ऐसे क्षेत्रों से जहां कोरोना संक्रमण है आया है, तो वह इसकी सूचना अनिवार्य रूप से नज़दीकी थाने/ कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कार्यालय में दे तथा स्वेच्छा से 14 दिन तक संस्थागत क्वॉरंटीन में रह प्रशासन को सहयोग प्रदान करे।कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने बताया कि सभी महिलाओं को आइसोलेशन केंद्र में 12 दिवस पूर्ण हो चुके हैं 2 दिवस पश्चात स्वास्थ्य प्रोटोकाल के आधार पर जाँच उपरांत उन्हें उनके गृह ग्राम भेजने की व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि सभी विकासखंडो में आइसोलेशन कैम्प स्थापित किए गए हैं, जिनमे वर्तमान में 500 से अधिक पलायन कर आए हुए श्रमिकों/ व्यक्तियों को क्वॉरंटीन में रखा गया है। आपने आयुक्त को जानकारी दी कि ज़िले में 1 अप्रैल के बाद बाहर से आने वाले व्यक्तियों को अपनी जानकारी सम्बंधित थाने/ कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कार्यालय में देना अनिवार्य किया है। इंदौर, भोपाल, दिल्ली अथवा अन्य कोरोना हाट्स्पॉट केंद्र से आने वाले व्यक्तियों 14 दिवस के लिए संस्थागत क्वॉरंटीन में रखा जा रहा है तथा जाँच उपरांत ही उन्हें घर जाने की अनुमति दी जा रही है। अन्य क्षेत्रों से आने वालों को 14 दिन होम क्वॉरंटीन हेतु निर्देशित किया जा रहा है, तथा स्वास्थ्य दल द्वारा निगरानी का कार्य किया जा रहा है। आपने बताया उक्त आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गयी है।