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किसान रसायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों का उपयोग बंद करे: मोदी
August 16, 2019 • NEWS NETWORK VISHVA SATTA


नई दिल्ली/जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने और अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर देश की ही नहीं, दुनियाभर की नजरें थींपीएम ने अपने संबोधन में भविष्य की योजनाओं का खाका खींचा। उन्होंने विकास की बात की तो पर्यावरण पर भी चिंता दिखाई। स्वदेशी पर बल दिया। युवा भारत में डिजिटल को प्रोत्साहन दिया,लाल किले से अपने संबोधन के दौरान जनसंख्या विस्फोट को लेकर पीएम चिंतित दिखे। उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि जनसंख्या पर अंकुश में वे सहयोग करें। हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए जनसंख्या विस्फोट कई समस्याओं का कारण बनेगा, लेकिन जनता की एक सतर्क श्रेणी ऐसी भी है जो एक बच्चे को दुनिया में लाने से पहले यह सोचते हैं कि वह उस बच्चे के साथ न्याय कर पाएंगे या नहीं, वह जो कुछ भी चाहता है उसे वह सबकुछ दे पाएंगे या नहीं। उनका परिवार छोटा है और वह इसके माध्यम से अपनी देशभक्ति जाहिर करते हैं। हमें उनसे सीखना चाहिए इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण अनुकूल खेती पर जोर दिया। उन्होंने बृहस्पतिवार को मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण के लिये किसानों से धीरे-धीरे रसायनिक उर्वरकों के उपयोग को घटाने और अंतत: उसका उपयोग बंद करने आह्वान किया। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से मोदी ने कहा कि रसायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अधिक उपयोग से धरती नष्ट हो रही है। मोदी ने कहा, ''क्या हमने धरती मां की सेहत के बारे में कभी सोचा है? जिस तरीके से हम रसायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग कर रहे हैं, हम धरती को नष्ट कर रहे हैं।उन्होंने कहा,हमारा किसानों से आग्रह है हम आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। क्या हम अपने खतों में रसायनिक उर्वरकों के उपयोग में 10 से 25 प्रतिशत की कमी ला सकते हैं?उन्होंने कहा कि अंतत: हमारा लक्ष्य इसके उपयोग को पूरी तरह समाप्त करने पर होना चाहिए। खेती-बाड़ी के लिये काफी हद तक मानसून पर निर्भर भारतीय किसान हर साल 5.5 करोड़ टन यूरिया और फास्फेट तथा पोटाशियत का उपयोग करते हैं। इसके अलावा फसलों को नुकसान से बचाने के लिये कीटनाशकों का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। मोदी ने यह भी कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिये प्रतिबद्ध है। सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को आय समर्थन के लिये 90,000 करोड़ रुपये की घोषणा की है। इस योजना के तहत 14.5 करोड़ किसानों को सालाना उनके बैंक खातों 6,000 करोड़ रुपये दिये जा रहे हैं। वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 87,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने किसानों और छोटे कारोबारियों के लिये शुरू की गयी नई पेंशन योजना का भी जिक्र किया।