ALL राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय खेल मध्यप्रदेश राज्य धर्म विचार-विमर्श टेक्नोलॉजी
करनी सेना ने जातिगत आरक्षण हटाने की मांग की 
September 16, 2019 • NEWS NETWORK VISHVA SATTA


इंदौर, ।  गरीब सामान्य वर्ग के लोगों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने का फैसला लिया गया है. करनी सेना का मानना है कि जातिगत आरक्षण को ही पूरी तरह हटा दिया जाए. इसके स्थान पर मेरिट, आर्थिक या आरक्षण के अन्य विकल्प तलाशे जाएं. सामान्य वर्ग की ही तरह पिछड़ों को भी आर्थिक आरक्षण का लाभ मिले. , जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35-ए हट सकता है तो जातिगत आरक्षण भी हटाया जा सकता है। यदि सरकार आरक्षण रखना ही चाहती है तो इसे जाति के आधार पर न रखते हुए आर्थिक आधार पर लागू करे, ताकि देश की हर जाति और धर्म के गरीबों को इसका फायदा मिल सके। एससी-एसटी वर्ग के लिए बनाए गए एट्रोसिटी एक्ट में भी बदलाव किया जाए। एक देश-एक कानून होना चाहिए।एक बार जिसे आरक्षण का लाभ मिल जाए, फिर दूसरी बार न दिया जाए। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने रविवार को यह मुद्दा जोरशोर से उठाया। प्रदेशभर से करणी सेना के करीब 50 हजार कार्यकर्ताओं ने शहर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया और चिमनबाग चौक में सभा की। बारिश के बावजूद सभा में राजपूत समाज के महिला-पुरुष डटे रहे।सभा के पहले करणी सेना के कार्यकर्ता रैली के रूप में चिमनबाग पहुंचे और आमसभा रखी। रैली के कारण विजय नगर, एलआईजी, एमआईजी, रामबाग, पाटनीपुरा, मालवा मिल, नगर निगम चौराहे पर यातायात ठप हो गया।  करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष जीवनसिंह शेरपुर ने कहा कि देश में लोकतंत्र लागू हुआ तो हमारे पूर्वजों ने अपनी 562 रियासतों का देश में विलय कर दिया। हम लोकतंत्र को खत्म करने की मांग नहीं कर रहे हैं, लोकतंत्र रहना चाहिए और रहेगा, लेकिन जातिगत आरक्षण से देश की युवा प्रतिभा बर्बाद हो रही है।हम आरक्षण खत्म करने की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन इसे आर्थिक आधार पर लागू किया जाए। राजस्थान से आए करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेवसिंह गोगामेड़ी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए संगठन की एकता के नारे लगवाए। साथ ही सरकार को चुनौती दी कि यह आंदोलन यहीं नहीं थमेगा, हम इसे दिल्ली तक लेकर जाएंगे। वक्ताओं ने कहा कि जो आरक्षण का लाभ लेकर आईएएस और आईपीएस बन गए, वही चार-चार पीढ़ी से आरक्षण का उपभोग कर रहे हैं। पिछड़ा वर्ग, पाटीदार समाज और ब्राम्हण समाज के संगठनों ने भी आंदोलन का समर्थन किया